Tuesday, August 18, 2026
*अक्षय ओबेरॉय की ‘लव लॉटरी’ का टीज़र आउट: शादी, एलिमनी और पुरुष अधिकारों पर गंभीर सवाल करती है फ़िल्म*
*अक्षय ओबेरॉय की ‘लव लॉटरी’ का टीज़र आउट: शादी, एलिमनी और पुरुष अधिकारों पर गंभीर सवाल करती है फ़िल्म*
अक्षय ओबेरॉय की ‘लव लॉटरी’ का टीज़र आउट, एलिमनी से लेकर पुरुष अधिकारों तक गंभीर मुद्दे है हाइलाईट बहुप्रतीक्षित क्राइम-सस्पेंस सोशल ड्रामा ‘लव लॉटरी’ का टीज़र रिलीज़ हो गया है। अक्षय ओबेराय, हेली दारूवाला स्टाररर फ़िल्म लव लॉटरी के टीज़र में रिश्तों, शादी, कानूनी लड़ाइयों, एलिमनी और महिलाओं के पक्ष में बनाए गए कानूनों के कथित दुरुपयोग जैसे संवेदनशील मुद्दों की झलक है। साथ ही, फिल्म पुरुष अधिकारों और उन परिस्थितियों पर भी ध्यान खींचती है, जिनके बारे में अक्सर खुलकर बात नहीं की जाती।
टीज़र की शुरुआत से ही फिल्म प्यार, शादी और भरोसे से जुड़े ऐसे पहलुओं की झलक देती है, जहां भावनाएं धीरे-धीरे कानूनी और आर्थिक विवादों में उलझती नजर आती हैं। फिल्म का शीर्षक ‘लव लॉटरी’ भी इसी ओर इशारा करता है कि कुछ रिश्ते प्यार और विश्वास की खूबसूरत शुरुआत के बजाय ऐसी परिस्थितियों में बदल जाते हैं, जहां जिंदगी किसी ‘लॉटरी’ से कम नहीं लगती।
38 सेकंड के इस टीज़र में अक्षय ओबेरॉय, हेली दारूवाला और फिल्म के अन्य कलाकार दमदार और भावनात्मक परिस्थितियों में नजर आते हैं। अक्षय ओबेरॉय का किरदार कई सवालों और उलझनों के बीच फंसा दिखाई देता है, वहीं दूसरे किरदारों की रहस्यमयी एंट्री कहानी में सस्पेंस को और गहरा करती है।
टीज़र की सबसे खास बात उसका क्लाइमैक्स है, जहां कोर्टरूम में बजता हथौड़ा, अचानक सुनाई देती गोली की आवाज और कई अनसुलझे सवाल दर्शकों की उत्सुकता बढ़ा देते हैं। आखिरी पलों में पुरुष अधिकारों का मुद्दा भी प्रमुखता से सामने आता है और यह सवाल छोड़ जाता है कि आखिर अदालत तक पहुंची इस कहानी के पीछे की असली सच्चाई क्या है?
अभिनेता अक्षय ओबेरॉय कहते हैं, “यह फिल्म उन मुद्दों पर बात करती है, जिनके बारे में हमारे समाज में अधिकतर पुरुष खुलकर बात करने में हिचकिचाते हैं या शर्म महसूस करते हैं। कुछ कानूनों के कथित दुरुपयोग की वजह से समाज के एक वर्ग ने लंबे समय तक दर्द झेला है। हमारी कोशिश है कि ऐसे लोगों की आवाज सामने आए। और यह भी समझना जरूरी है कि ऐसी परिस्थितियों का असर सिर्फ पुरुष पर ही नहीं पड़ता, बल्कि उसकी मां, बहन या उसके करीब रहने वाली कोई भी महिला इससे प्रभावित हो सकती है।”
निर्देशक अरविंद पांडे कहते हैं, “‘लव लॉटरी’ एक संवेदनशील और अपेक्षाकृत कम चर्चा में आने वाले विषय को क्राइम, सस्पेंस और इमोशन के जरिए दर्शकों के सामने रखने की कोशिश है। फिल्म का उद्देश्य किसी एक विशेष जेंडर को निशाना बनाना या दोषी ठहराना नहीं है। हम सिर्फ यह सवाल उठाना चाहते हैं कि जब कानून, रिश्ते और निजी विवाद आपस में उलझ जाते हैं, तब हालात किस दिशा में जाने लगते हैं।”
निर्माता कुलदीप भार्गव ‘तुषार’ कहते हैं, “हमने इस कहानी को मनोरंजक और दिलचस्प अंदाज में पेश करने की कोशिश की है, लेकिन साथ ही दर्शकों के सामने कुछ ऐसे सवाल भी रखे हैं, जिन पर फिल्म देखने के बाद वे खुद सोच सकें।”
लेखक अंकुर खत्री कहते हैं, “‘लव लॉटरी’ का विषय बेहद संवेदनशील है और हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी इसे संतुलित और परिपक्व तरीके से प्रस्तुत करना था। फिल्म यह दिखाने की कोशिश करती है कि प्यार, भरोसा और शादी जैसे रिश्ते कभी-कभी ऐसे मोड़ पर पहुंच जाते हैं, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की होती।”
सिनेमा गंज फिल्म्स के बैनर तले कुलदीप भार्गव ‘तुषार’ द्वारा निर्मित ‘लव लॉटरी’ का निर्देशन अरविंद पांडे ने किया है, जबकि फिल्म की कहानी और पटकथा अंकुर खत्री ने लिखी है।
फिल्म में अक्षय ओबेरॉय और हेली दारूवाला मुख्य भूमिका में है, साथ ही कबीर दुहान सिंह, विजयंत कोहली, हेमंत पांडे, इंदिरा कृष्णन, संतोष शुक्ला, विक्रम शर्मा, अग्नि अग्यारी, कुमार सौरभ, अश्वंत लोधी और अर्शदीप संधू सहित कई कलाकार महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म की सिनेमैटोग्राफर नवीन वी. मिश्रा है। संगीत वरुण मिश्रा और अरविंद पांडे का है, जबकि फिल्म का संपादन प्रकाश झा ने किया है।
रिश्तों की जटिलता, कानूनी विवाद, भावनात्मक टकराव और पुरुष अधिकारों से जुड़े सवालों को सस्पेंस के साथ सामने रखने वाला ‘लव लॉटरी’ का टीज़र कहानी की सिर्फ एक झलक दिखाता है। असली कहानी क्या है, कौन सही है और कौन गलत—इन सवालों के जवाब फिल्म के बड़े पर्दे पर ही सामने आएंगे। फ़िल्म 18 सितंबर को सिनेमागृहों में रिलीज़ होगी.
https://www.youtube.com/watch?v=1GPE7Ym83rU
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